एक ऐसा देश ,जहां बच्चा पैदा करने पर मिलता है पैसा …

एक ओर जहां दुनिया में आबादी बढ़ रही है तथा इसको लेकर बड़े-बड़े  देश चिंतित हैं ,बढ़ती आबादी तथा घटता क्षेत्रफल एक चिंता का विषय बना हुआ है और इसके साथ ही साफ पानी और खेती की जमीन भी कम होती जा रही है क्योंकि जब किसी देश की आबादी बढ़ती है तो नए शहरों तथा बहुत सारी मूलभूत सुविधाओं की  आवश्यकता होती है .जिसको पूरा करना एक चुनौती होता है .
दुनिया के दो बड़ी आबादी वाले देश चीन और भारत ,देश की बढ़ती आबादी से चिंतित हैं जहां चीन में एक बच्चे की नीति लागू है वही भारत भी दो बच्चे की नीति लागू करने पर विचार कर रहा है.
लेकिन इन सबके बीच अभी भी कुछ देश ऐसे है जो अपनी घटती जनसंख्या को लेकर परेशान है तथा  जनसंख्या बढ़ाने के लिए देशवासियों को तरह -तरह के  प्रलोभन दे रहे हैं

फिनलैंड –

फिनलैंड अपनी सिकुड़ती आबादी को लेकर चिंतित हैं तथा इससे निपटने के लिए 10 हजार यूरो तकरीबन सात लाख 86 हजार रुपये तक दे रहा है .
फिनलैंड की सबसे छोटी नगरपालिकाओं में से एक लिस्टिजारवी में पैदा होने वाला हर बच्चा 10 हजार यूरो का है .
2013 से पहले लिस्टिजारवी में एक साल में केवल 1 बच्चा पैदा हुआ था .
तब नगरपालिका ने (बेबी बोनस ) नाम से एक योजना शुरू की और तय किया कि हर बच्चे के जन्म पर अगले 10 साल में 10 हजार यूरो दिए जाएगें .यह उपाय कारगर रहा .इस योजना के शुरू होने के बाद से इस नगरपालिका में अब तक 60 बच्चे पैदा हो चुके हैंं 

लिस्टिजारवी गांव में लगभग 800 लोग रहते हैं ।

बेबी बोनस पाने वाले एक शख्स 50 साल के युक्का-येक्का टुइक्क और 48 साल की उनकी पत्नी जेनिका उद्यमी हैं उनकी दूसरी बेटी जेनेट 2013 में पैदा हुई थी ,जन्म के साथ उन्हें थाउजेंड यूरो गर्ल का उपनाम मिला था .

ये तो बात रही फिनलैंड की एक नगरपालिका की, वही कुछ अन्य नगरपालिकाओं ने कुछ सौ यूरो से लेकर 10 हजार यूरो तक का बेबी बोनस शुरु किया है . इन सबके बावजूद फिनलैंड में राष्ट्रीय जन्म दर नही बढ़ रही .

यूरोप के अन्य देशों में भी जन्म दर नही बढ़ रही बल्कि उसमे पिछले दशक में बड़ी गिरावट आई.
फिनलैंड सरकार में परिवारों की मदद के लिए कई योजनाएं हैं जैसे -बच्चा होने वाले परिवार की हर महीने 100 यूरो देकर मदद की जाती है इसके अलावा माता-पिता को 70 फीसदी तनख्वाह के साथ साझे तौर पर (माता -पिता ) को नौ महीने तक की छुट्टी मिलती है ।

इन सब योजनाओं के बावजूद भी फिनलैंड की जन्म दर नही बढ़ रही है .

फिनलैंड की खाड़ी के दूसरी तरफ तस्वीर थोडी सी अलग है. जहां दूसरे देश एस्टोनिया ने पिछले डेढ़ दशक में जन्म दर बढ़ाने में सफलता पाई है .और इस बढोतरी का थोडा श्रेय सरकारी योजनाओं को जाता है ,जिसके तहत परिवार कल्याण नीतियों में पैसे लगाए गए है खास तौर पर बड़े परिवारोंं के लिए वित्तीय मदद डढ़ाई गई है .
एस्टोनिया ने परिवारिक योजनाओं को उदार बनाया जिसके तहत डेढ़ साल तक पूरी  तनख्वाह के साथ छुट्टी दी जाती है एस्टोनिया में पहले बच्चे के लिए 60 यूरो, दूसरे बच्चे के लिए 60 यूरो तथा तीसरे बच्चे के लिए 100 यूरो प्रति माह दिए जाते है .

फ्रांस –

 फ्रांस में पिछले 4 साल में जन्म दर में मामूली गिरावट आई है ,फिर भी यूरोपीय देशों में सबसे उँची जन्म दर यही पर है .फ्रांस में भी बच्चोंं के लिए कई तरह की योजना हैं जिसमें करीब 950 यूरो का ‘जन्म अनुदान’ मासिक सहायता और कई परिवारिक भत्ते शामिल हैं इसके साथ परिवार को आयकर में छूट भी मिलती है .

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