व्हेल मछली की उल्टी की कीमत , एक किलो सोना(gold) की कीमत से भी ज्यादा..

उल्टी ,जिसे देखकर या सुनकर मन खराब हो जाता है और खुद को भी उल्टी आने लगती हैं .लेकिन किया आपको पता है व्हेल मछली की उल्टी सोने (gold ) से भी ज्यादा कीमती है ,और अगर आपको ये कही मिल जाए तो आप एक ही झटके में करोड़पति बन सकते हैं.
इसलिए लोग सालों तक व्हेल मछली की उल्टी के इंतजार में रहते हैं. व्हेल समुद्र तट से काफी दूर गहरे पानी में रहती है जिस कारण उल्टी को तट तक आने में सालों साल लग जाते हैं.
व्हेल मछली उल्टी ठोस रुप में करती है .

व्हेल की उल्टी –

व्हेल मछली की उल्टी को एम्बरग्रिस कहते हैं जिसकी 1 किलो की कीमत एक करोड़ रुपये से भी अधिक है.
लेकिन व्हेल मछली की हर उल्टी की कीमत इतनी नही होती जितनी एम्बरग्रिस की , एम्बरग्रिस एक खास उल्टी होती है .
जब व्हेल मछली कटल फिश की चोंच और हड्डियों को पचा नहीं पाती तब व्हेल मछली ये खास उल्टी करती है जिसे एम्बरग्रिस कहते हैं.

एम्बरग्रिस व्हेल की आतोंं से निकलने वाला स्लेटी या काला रंग का ठोस पदार्थ होता है यह व्हेल के शरीर अंंदर उसकी रक्षा के लिए पैैैदा होता है ताकि आंंतोंं को समुद्री जीवो सेे बचाया जा सके.
जब व्हेल मछली अपने शरीर से अम्बरग्रिस निकालती है उस समय यह एक आम उल्टी की तरह ही होती है . लेकिन कुछ समय बाद (सालों बाद )यह एक बेहद हल्की मीठी सुगंध में बदल जाती है यही बात व्हेल मछली की उल्टी को आम से खास बनाती है इसका इस्तेमाल दुनिया में सबसे महंगा परफ्यूम बनाने वाली कंपनी गुच्ची अपने परफ्यूम में करती है.
ये तो है आज के दौर में व्हेल मछली की उल्टी का महत्व ,इससे पहले यूरोप में ब्लैक एज (अंधकार युग) के दौरान लोग इस बात पर भी विश्वास करते थे कि अम्बरग्रीस का एक टुकडा़ अपने साथ रखने से उन्हें प्लेग रोकने में मदद मिल सकती है, वो इसलिए  क्योंकि व्हेल की उल्टी की सुगंध हवा की गंध को महसूस नही होने देती थी जिसे प्लेग का मूल कारण माना जाता था .
अलग-अलग देशों में इसका तरह -तरह से इस्तेमाल होने लगा था कुछ देशों में इसे सेक्स पावर बढ़ाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाने लगा और कुछ जगहों पर इसका प्रयोग सिर दर्द,सर्दी ,मिर्गी और अन्य बीमारियों में भी होता है.

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