first kotwal of delhi- in hindi दिल्ली का पहला कोतवाल.

          दिल्ली के पहले कोतवाल को जानते हैंं आप .

दिल्ली पुलिस: बरसों से हमारी सुरक्षा में तैनात है .चाहे जितने भी तीखे सवाल उठाएं ,लेकिन उनके जज्बे को सलाम भी हम समय-समय पर करते आए हैं .
देश की कानून व्यवस्था को बनाए रखना आज भी इन्हींं के कंधो पर है. करीब 80 हजार पुलिसकर्मी दिन रात हमारी सुरक्षा मेंं तैनात रहते हैं ।
लेकिन क्या आप जानते हैं दिल्ली का पहला कोतवाल कौन था .
                            प्रतीकात्मक चित्र.

मलिक उल उमरा फखरुद्दीन :

मलिक उल उमरा फखरुद्दीन दिल्ली के पहले कोतवाल थे .1237 ईसवी में 40 की उम्र में उल उमरा फखरुद्दीन दिल्ली के कोतवाल बने .उनकी ईमानदारी का आलम यह था कि वह तीन सुल्तानों के कार्यकाल  में कोतवाल रहे .एक बार जब फखरुद्दीन को रिश्वत देने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कहा अगर में रिश्वत लूगां तो मेरे शब्दों की कोई अहमियत नहीं रह जाएगी .मुगलकाल में पुलिस मुख्यालय किला राव पिथौरा में हुआ करता था जो आज आज महरौली के नाम से जाना जाता है .

दूसरे सुल्तान ने भुगता मोटापे का खमियाजा :  

सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी के शासन काल मे 1297 ईसवी में मलिक अलाउल मुल्क को कोतवाल नियुक्त किया गया .खिलजी मुल्क को इस कदर पंसद करते थे कि उन्हें( विजारत) प्रधानमंत्री बनाना चाहता था मगर मोटापे के कारण उन्हें यह पद नही दिया गया .

पं नेहरु के दादा दिल्ली के आखिरी  कोतवाल :

भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के दादा गंगाधर दिल्ली के आखिरी कोतवाल थे.1857 विद्र्हो के दौरान इस व्यवस्था को ख़त्म कर दिया गया था.

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