राजा भूपिंदर सिंह ; भारतीय इतिहास का सबसे अय्याश राजा .

आपने भारत के एक से एक अय्याश राजाओं के बारे में सुना होगा . लेकिन हमारा दावा है कि भारत के इतिहास में पटियाला नरेश भूपिंदर सिंह से बड़ा अय्याश राजा शायद ही कोई पैदा हुआ हो .

भूपिंदर सिंह , पटियाला के महाराज राजेंद्र सिंह के पुत्र थे . वर्ष 1900 में पिता की मौत के बाद भूपिंदर सिंह को राज्य का दायित्व मिला . महाराजा भूपिंदर सिंह अपनी रंगीनमिजाजी के लिए मशहूर रहे .

 महत्वपूर्ण तथ्य –

 (1) पटियाला के महाराजा भूपिंदर सिंह के 88 बच्चे थे .

(2) उनकी हरम में बहुत सी औरतें थी .

(3) राजा 166 करोड़ का नेकलेस पहनते थे .

(4) साल में एक बार हरम में  निर्वस्त्र होकर महिलाओं की परेड कराते थे ताकि वह यह सुनिश्चित कर सके कि वह जीवित और पूरी तरह से स्वस्थ हैं .

महाराजा भूपिंदर सिंह –

12  अक्टूबर 1891 को जन्मेंं महाराजा भूपिंदर सिंह ने 38 सालों तक राज किया . 1990 में पिता की मौत के बाद भूपिंदर सिंह को राज्य का दायित्व मिला था .

भूपिंदर सिंह अपनी शानौशौकत और मंहगे शौक के लिए पूरी दुनिया मेंं प्रसिद्ध थे , उन्होंने पांच से ज्यादा शादियां की थी जिनसे उनके 88 बच्चे थे जिनमे से केवल 53 ही जिंदा रहें .

राजा की सेक्स की भूख अतुल्य थी –

हमाम में दासियों के साथ रासलीला हो या किसी दूसरे राजा की रानी पर नजर , इनकी अय्याशी के चर्चे अपने समय में चारो तरफ रहें . इनके महल में लोगों को बिना कपड़ो के प्रवेश करना होता था .

दिवान जरमानी दास की किताब ‘ महाराजा ‘ में राजा के बारे में लिखा है कि लगभग 150 -400 महिलाओं के साथ अय्याशी करता था जिसमे नग्न महिलाओं के सीने पर मदिरा उडेल कर मदिरा सेवन और उसके बाद सामूहिक सेक्स होता था . इस राजा की अय्याशी के बारे में इसी बात से पता लगा सकते हैं कि इसके महल में जो लोग जाते थे वह बिना कपड़ो के ही जाते थे क्योंंकि कपड़ो पहनकर आने -जाने की इज्जात केवल राजा को ही थी .

राजा भूपिंदर सिंह के महल में एक ऐसा कमरा भी था जो केवल राजा के लिए सुरक्षित था इस कमरे की दीवारों पर चारों तरफ स्त्री  पुरुष की वासना की तस्वीरेंं लगी थी और इसी कमरे में एक बहुत बड़ा  स्विमिंग पूल भी था जिसमें 100 से डेढ़ सौ महिलाएं एक साथ स्नान कर सकती थी .

इस कमरे में महाराजा के भोग – विलास का पूरा इतंजाम था .  स्विमिंग पूल में शानदार पार्टियांं होती थी जहां खुलेआम लोग अय्याशी करते थे , महाराजा ऐसी पार्टियोंं में अपनी प्रेमिकाओं के साथ खुलेआम इश्क फरमाते थे .

” शराब के शौकीनो के बीच मशहूर पटियाला पैग भी महाराजा भूपिंदर सिंह की ही देन है “

एडोल्फ हिटलर – 

अपनी क्रूरता से पूरे यूरोप का नक्शा बदलने वाले एडोल्फ हिटलर की सोच थी कि पूरी दुनिया में वही एक अकेला शख्स है जो सबसे बुद्धिमान और काबिल है , लेकिन जब उसकी मुलाकात पटियाला नरेश भूपिंदर सिंह से हुई तो उसे लगा कि दुनिया में और भी कई लोग है जो अय्याशी में उसके बाप है . 1935 में बर्लिन दौरे के वक्त भूपिंदर सिंह की मुलाकात हिटलर से हुई थी और कहा जाता है कि राजा से हिटलर इतना प्रभावित हो गया कि उसने अपनी  माय्बैक कार राजा को तोहफे में दे दी और हमेशा उसे गुरू मानता रहा . 

जवानी में सेक्स की लत के चलते उनकी रुची खेल के प्रति कम हो गई, गर्मियों में अपने स्वीमिंग पूल में राजा नग्र महिलाओं और मदिरा सेवन के साथ अय्याशी करता था . राजा फ्रेंच ब्यूटीशियन, भारतीय प्लास्टिक सर्जन ,सोनार , परफ्यूमर ,और फैशन डिजाइनर के साथ मिलकर महिलाओं को अपनी पसंद के हिसाब से तैयार करवाता था .

राजा भूपिंदर सिंह के रोचक (तथ्य- 

 (1)- राजा भूपिंदर सिंह के पास.2,930 हीरो वाला नेकलेस था , जिसमे दुनिया का सातवां सबसे बड़ा हीरा जड़ा था 

(2) – इस नेकलेस का वजन लगभग एक हजार कैरेट था इस नेकलेस की कुल कीमत 166 करोड़ थी .

(3) – फिलहाल इस नेकलेस को बनाने वाली कंपनी कार्टियर का इस पर मलिकाना हक है .

(4)-इतिहासकारोंं के मुताबिक पटियाला के महाराजा भूपिंदर सिंह साल 1926 में आभूषण खरीदने के लिए पेरिस गए थे .

(5)- वह उन्होंने कीमती नग, हीरों और आभूषण से भरा संदूक पेरिस की ज्वैलरी बनाने वाली वर्ल्ड फेमस कंपनी कार्टियर को भेजा , उन्होंने कंपनी को एक अनूठा नेकलेस तैयार करने को कहा .

(6)- इस नेकलेस में 2,930  हीरों के अलावा इसमे ग्रहोंं की दिशा वा दशा ठीक करने के लिए 13 रत्न जड़े हुए थे , जिनमें 18 कैरेट की दो रुबी शामिल हैं.

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