अल्बर्ट आइंस्टीन के सक्सेस मंत्र .

जीनियस अल्बर्ट आइंस्टीन को मॉडर्न फिजिक्स का पिता भी कहा जाता है . वह सापेक्षता के सिद्धांत और द्रव्यमान -ऊर्जा समीकरण E=mc2 के लिए जाने जाते हैं . महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन को प्रकाश विघुत उत्सर्जन की खोज के लिए 1921 में नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया था .

आइये जानते हैं अल्बर्ट आइंस्टीन के जीवन बदल देने वाले अनमोल विचारों को और सफलता की ओर एक कदम बढ़ाते हैं.

      

(1) ” जिस व्यक्ति ने कभी कोई गलती नहीं की उस व्यक्ति ने कुछ नया करने की कोशिश नहीं की ” 

गलती हमेशा मेहनत करने वालों से ही होती है ,कामचोरो की जिंदगी तो दूसरों के कामोऔ में कमियां निकालने में बीत जाती है . इंसान को हमेशा कुछ न कुछ नया करते रहना चाहिए . इससे न केवल ज्ञान प्राप्त होता है यह अविष्कारोंं की जननी है . सफल और ज्ञान अर्जित करने के लिए हमेशा कुछ न कुछ नया करते रहना चाहिए .

(2) ” जिंदगी साइकिल चलाने के समान है , Balance बनाने के लिए आपको चलते रहना होगा .

जब तक इंसानी जीवन में balance नही होगा तब तक आप आपना लक्ष्य निर्धारित नही कर सकते है . भविष्य में सफलता पाने के लिए सबसे पहले आपको अपने जीवन को संतुलित करना होगा . जीवन में सफलता का आधार ही एक संतुलित जीवन का होना है

.

(3) ” जैसे ही आप सीखना बंद करते हैं ,आप मरना शुरु कर देते हैं .” 

इंसान के हर दिन की सुबह एक नई उम्मीद की किरण के साथ होनी चाहिए. जो हम कल नही कर पाए उसको हमे आज करना है . जीवन में हर पल का एक उद्देश्य होना चाहिए . बिना उद्देश्य और बिना नए कार्योंं के जीवन में सफलता नही प्राप्त की जा सकती है .

(4) ” केवल दूसरों के लिए जिया जीवन ही सार्थक है ” 

व्यवहारिक इंसान का जीवन ही इस पृथ्वी पर सफल है . जब तक इंसान व्यवहारिक नहीं होगा तब तक वह अपने जीवन में कभी सफल नही हो सकता है . व्यवहारिक व्यक्ति अपने जीवन में जल्द ही सफलता प्राप्त कर लेता है . इंसान की सफलता और विफलता मुख्य रूप से उसके व्यवहार पर निर्भर करती है .

(5)  “मैं कभी भविष्य के बारे में नही सोचता वे जल्दी आ जाता है .” 

इंसान को हमेशा आज में ही जीना चाहिए . जो बीत चुका है उसे याद करके क्या लाभ होगा और जो आने वाला है वो किसी ने देखा नहीं है .इसलिए जो दिख रहा है और जो चल रहा है उसी का आनंद लेना चाहिए .

(6) “जीनियस ,1% टैलेंट है और 99% कठिन परिश्रम. “

सफलता प्राप्त करने का एक मात्र स्रोत्र है कठिन परिश्रम. बिना कठिन परिश्रम के बुद्धिमत्ता भी व्यर्थ है . किसी भी कार्य को लगातार करते रहने से एक दिन उसमें महारत हासिल की जा सकती है . दुनिया में ऐसी कोई सीढ़ी नही जिस पर मेहनत के बल पर चढ़ा ना जाए . किसी भी कार्य में सफलता प्राप्त करने का एक मात्र साधन है उस काम को लगातार करते रहना . इंसान वो सब कुछ अपनी मेहनत के बल पर हासिल कर सकता है जो वह चाहता है . 
इस दुनिया में कोई भी परफेक्ट बनकर नही आता बल्कि हालात और मेहनत उसको परफेक्ट बनाते है .

(7) “अपने आप को खुश करने का सबसे अच्छा तरीका है किसी और को खुश करना .”

ऐसा कौन सा इंसान हैं जो जीवन में खुश रहना नहीं चाहता . लेकिन कोई भी व्यक्ति तब ही खुश रह सकता है जब उस व्यक्ति से उसके साथ वाले खुश हो . व्यक्ति को सदैव ऐसे कार्य करने चाहिए जिससे किसी को किसी भी प्रकार की हानि ना हो .यादि आप के आस पास का माहौल खुशी कि नही होगा तब आप भी खुश नही रह सकते .

(8) ” एक निराशावादी और बुद्धिमान होने के बजाये मैं आशावादी और मुर्ख होना पसंद करुंगा .” 

निराशावादी व्यक्ति को हर चीज में अपनी हार ही नजर आती है . ऐसा इंसान किसी भी कार्य को करने से पहले ही अपनी हार मान लेता है .नकारत्मकता जीवन को नर्क बना देती है .जबकि मुर्ख लेकिन मुर्ख किसी भी कार्य को करते करते सफलता प्राप्त कर लेता है . 
आशावादी इंसान अपनी मेहनत और लगन के बल पर, एक बुद्धिमान निराशावादी से कही अधिक सफल रहता है .

(9) “कठिनाइयों के बीच ही बहुत से अवसर छुपे हुए होते है , बस उन्हें पहचाने की देर है .” 

व्यक्ति के ऊपर कितनी भी विपत्ति क़्यो ना हो , लेकिन हर एक विपत्ति का कुछ न कुछ समाधान जरुर होता है . इस दुनिया में कोई भी चीज स्थाई नहीं है .यहां तक की किसी की  समास्यएं भी . कठिनाईयों से केवल वह ही व्यक्ति सफल हो पाते हैं जो समस्याओं को पहचान कर उसका हल निकाल लेते हैं और हर परेशानी का कुछ न कुछ हल जरुर होता है .

(10) ” आप तब तक असफल नहीं होते जब तक आप प्रयास करना नहीं छोड़ देते .” 

सफलता पाने का एक मात्र साधन है कि किसी भी क्षेत्र में कर रहें अपने प्रयास को लगातार जारी रखे जब तक कि आप सफल नही हो जाते . दुनिया के सारे विद्वान ,सब धर्म ग्रन्थ केवल मेहनत को ही सफलता का मूल कारण मानते है . जरुरी नही है हर बार एक ही प्रयास में सफलता प्राप्त हो जाए . लेकिन लगातार प्रयास से सफलता जरुर प्राप्त होगी यह एक सत्य है .

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