इंसान को ये 5 चीजें बर्बाद कर देती हैं .

नींद, गुस्सा , डर , आलस्य , काम टालने की आदत  – ये चीजें सुनने में भले ही बेहद मामूली लगे , लेकिन यही वो पांच चीज है तो इंसान को बर्बाद और असफल बनाती है , जानते है कैसे .

दुनिया में हर इंसान का सपना होता है कि वह अपने जीवन में वे सब कुछ हासिल करे , जिसकी उसको अपनी जिंदगी में जरुरत है . लेकिन सपनों को हकीकत में बदलने के लिए बहुत कुछ त्याग करना पड़ता है . बगैर त्याग कै हम अपने को कभी साकार नही कर सकते है . इन बेहद मामूली सी दिखने वाली पांच चीजों का इंसान पर होने वाले प्रभाव को विस्तार से बताते हैं .

नींद –

इंसान के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है नींद . रात की नींद ना केवल इंसान को एक नई ताकत देती है बल्कि इससे शरीर में ऊर्जा का विकास होता है . 
लेकिन तय सीमा से अधिक नींद न केवल आपकी बर्बादी का कारण है बल्कि इससे शरीर को कई तरह की बीमारी लग जाती हैं . सफलता प्राप्त करने के लिए इस आदत से छूटकारा पाना ही एक मात्र उपाय है .

गुस्सा – 

सफल इंसान के व्यवहार में गुस्सा करना नही होता है . गुस्सा करना किसी भी बात का समाधान नहीं है . गुस्से से आज तक कोई भी समस्या हल नही हुई . यदि जीवन में सफल होना है और चाहते हैं कि प्रत्येक आपसे प्यार करे तो सबसे पहले गुस्से का त्याग करना होगा . बेवजह गुस्सा करने वाले को कोई भी पंसद नही करता है ,न ही घर पर और न ही बहार . एक कहावत है –
” मीठा बोलने वाले का जहर भी बिक जाता है , कड़वा बोलने वाले का शहद भी नही बिकता “
 इसलिए जीवन में यादि आप चाहते हैं कि सब आपको प्यार करें तो गुस्सा करना बंद करना होगा . जिस दिन से ये हो गया सफलता कदम चूमेगी .

डर –

इंसान को सही और कानून के दायरे में करने वाले किसी भी काम से कभी नही डरना चाहिए . डर इंसान के मन की एक ऐसी काली सच्चाई है जो अच्छे भले को अंधकार में धकेल देती है . दुनिया में कोई भी परफेक्ट नहीं है कोई ना कोई कभी ना कभी असफल हुआ है . डर कर हाथ पर हाथ रख कर बैठ जाने से कुछ नही होगा . जो है हमे उससे डटकर सामना करना होगा . जो डर से जीत जाता है वही सफलता प्राप्त करता है . डर कर घर पर बैठ जाने वालों की जिंदगी में केवल पछताने के अलावा कुछ नही रहा जाता है .

आलस्य –

इंसान के जीवन का सबसे बड़ा शत्रु है आलस्य , जिस इंसान ने इस पर काबू पा लिया वह जीवन में बड़ी से बड़ी सफलता प्राप्त कर सकता है . आलसी इंसान केवल उतना ही प्राप्त कर पाता है जितना एक सफल इंसान छोड़ देता है . अब ये तय कर लिजिए बचा हुआ चाहिए या फिर सफल इंसान की तरह मनपसंद चाहिए .

काम टालने की आदत –

ये बात तो हमे बचपन से ही सिखाई जाती है कि आज का काम आज करो , लेकिन समझने वाला बचपन में ही समझ जाता है और ना समझने वाला कभी नहीं समझता है . जबकि यह आदत जिंदगी में अहम किरदार निभाती है . काम ना टालना सफलता की पहचान है और काम टालना बर्बादी की निशानी है . सब कुछ पाता होने के बाद भी जिस इंसान की आदत नही बदलती ,उसके पास केवल पछतावे के अलावा कुछ नही रहा जाता . तो फिर ऐसा काम ही क़्यो करना जिसका पछतावा करना पड़े ,इसलिए जितना जल्दी  संभव हो इस आदत से छूटकारा पाना ही बेहतर है . 

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