दिन में तीन बार रूप बदलता है इस मंदिर में स्थापित चमत्कारिक,शिवलिंग .

भारत की पावन भूमि जहां कदम कदम पर चमत्कार होते हैं  .अगर हम भारत को मंदिरों का देश कहे तो इसमे गलत बात नही है . इसकी परख आप खुद कर सकते है . भारत में हर 200-300 मीटर पर आपको किसी न किसी देवता का मंदिर मिल जाता है .

प्रत्येक मंदिर अपने आप में एक अलग रोचक कहानी का प्रतीक होता है . इन मंदिरों के चमत्कारों पर विश्वास करना मुश्किल होता है लेकिन हम विश्वास करते है ,जब हम खुद देख लेते हैं .

राजेश्वर महादेव मंदिर –

राजेश्वर महादेव मंदिर ऐसा ही एक चमत्कारिक मंदिर है ,जो उत्तर प्रदेश के शहर आगरा में स्थित है . भगवान शिव के इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग दिन में तीन बार अपना रंग बदलता है . ऐसा क़्यो होता है ये आज तक एक रहस्य है लेकिन ये भी जान लिजिए ये बात एकदम सच है . ऐसा हर रोज होता है .
उत्तर प्रदेश का शहर आगरा , इस ऐतिहासिक नगरी को पुण्य की भी कही जाती है . आगरा के चारों दिशाओं में भगवान शिव का वास है .
लेकिन हम बात करते हैं शमशाबाद रोड़ पर राजपुर चुंगी के पास स्थित राजेश्वर महादेव मंदिर की .इस मंदिर की लीला ही न्यारी और विचित्र है . यह स्थित अदृत शिवलिंग दिन में तीन बार अपना रंग बदलती है . जिसे देख भक्त भगवान के चमत्कार की अनुभूति करते है .

राजेश्वर मंदिर का इतिहास –

मान्यता के अनुसार राजेश्वर मंदिर का इतिहास करीब 850 से 900 वर्ष पुराना बताया जाता है . यहां दर्शन करने मात्र से भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं .
ऐसा माना जाता है कि एक बार साहूकारनर्मदा नदी से शिवलिंग लेकर आ रहें थे . गांव से पहलेउन्होंने रात्रि विश्राम के लिए एक जगह बेलगाड़ी रोक दी .रात्रि में सपने में भगवान शिव ने कहां कि शिवलिंग को इसी स्थान पर स्थापित कर दो . लेकिन साहूकार उस शिवलिंग को वह स्थापित नही करना चाहता था ,इसलिए उसने सुबह बैलगाड़ी में रखने के लिए शिवलिंग को जमीन से उठाकर ले जाने का प्रयास किया तो बैलगाड़ी आगे ही नही बढ़ रही थी .कई बैलगाड़ी और दर्जनों लोगों के प्रयास के बाद भी गाड़ी का पहिया आगे नहीं बढ़ रहा था .इसी खीचतान में शिवलिंग जमीन पर गिर गई और वही स्थापित हो गई .काफी प्रयास के बाद भी शिवलिंग वहां से नही उठा . जिसके बाद इसी जगह पर राजेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण हुआ .

चमत्कारी मंदिर से जुड़ी खास बातें – 

  • 850-900 साल पुराने इस शिवलिंग को आज तक कोई नहीं हिला पाया .
  • मान्यता के अनुसार यहां अपनी इच्छा से विराजमान हुए , महादेव .
  • राजेश्वर महादेव मंदिर स्थापित शिवलिंग दिन में तीन बार रंग बदलता है . सुबह की आरती के समय शिवलिंग सफेद रंग का होता है . इस स्वरूप में शिवलिंग के दर्शन करने से मानसिक शांति मिलती है .
  • दोपहर की आरती के समय शिवलिंग का रंग बदल कर हल्का नीला हो जाता है . इस स्वरूप में शिवलिंग के दर्शन करने से कष्टों का निवारण होता है .
  • शाम की आरती के समय शिवलिंग गुलाबी रंग का हो जाता है .इस स्वरूप के शिवलिंग केदर्शन करने से जीवन में खुशहाली आती है .
  • सावन के सोमवार को यह एक भव्य मेले का आयोजन किया जाता है .

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