Chhatrapati Shivaji Maharaj Best Quotes ; छत्रपति शिवाजी महाराज के अनमोल विचार .

मराठा योद्धा राजा शिवाजी भोंसले , जिन्हें छत्रपति शिवाजी महाराज के रूप में जाना जाता है . इतिहास के महान योद्धाओंं में से एक थे . भले ही वे अब नही है , लेकिन उनके विचार और सिद्धांत आज भी लोगों के बीच मौजूद हैं . 

आईए जानते हैं उनके अनमोल विचारों के बारे में . 

     

1- ” स्वतंत्रता एक वरदान है जिसे हर किसी को पाने का अधिकार है.”

                              Chhatrapati Shivaji Maharaj.

2- ” छोटे लक्ष्य के लिए एक छोटा सा कदम , बाद में विशाल लक्ष्य भी हासिल करा देता है .”

                              Chhatrapati Shivaji Maharaj.

3 – ” जब भी आपके हौसले बुलंद होते हैं तो पहाड़ विपत्ति और संघर्ष भी मिट्टी के ढेर के समान लगते हैं .”

                              Chhatrapati Shivaji Maharaj.

4- ” एक पुरुषार्थी भी , एक तेजस्वी  विद्वान के सामने झुकता है . क्योंंकि पुरुषार्थी भी विद्या से ही आती है .” 

                              Chhatrapati Shivaji Maharaj.

5 – ” जो धर्म , सत्य श्रेष्ठा और परमेश्वर के सामने शीश झुकाता है – उसका सम्मान समस्त संसार करता है .”

                              Chhatrapat  Shivaji Maharaj.

6- ” प्रतिशोध मनुष्य को जलाता है , संयम ही प्रतिशोध को काबू करने का उपाय है .”

                              Chhatrapati Shivaji Maharaj.

7 – ” एक स्त्री के सभी अधिकारों मे सबसे महान अधिकार उसके मां होने में है .”

                              Chhatrapati Shivaji Maharaj.

8 – ” जो व्यक्ति स्वराज्य और परिवार के बीच स्वराज्य को चुनता है वही एक सच्चा नागरिक होता है .”

                              Chhatrapati Shivaji Maharaj.

9 – ” जब लक्ष्य जीवन का हो , तो उसे हासिल करने के लिए कितना भी परिश्रम, कोई भी मूल्य क्यो ना हो उसे चुकाना ही पड़ता है .”

                              Chhatrapati Shivaji Maharaj.

10 – ” किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए नियोजन महत्वपूर्ण होता है , केवल नियोजन से ही आप लक्ष्य को पा सकते हैं .”

                              Chhatrapati Shivaji Maharaj.

11 – ” आत्मबल समर्थ देता है और सामर्थ्य विद्या प्रदान करती है , विद्या स्थिरता प्रदान करती है और स्थिरता विजय की तरफ ले जाती है .”

                              Chhatrapati Shivaji Maharaj.

12 – ” अपने आत्मबल को जगाने वाला , खुद को पहचानने वाला और मानव जाति के कल्याण की सोच रखने वाला , पूरी दुनिया पर राज कर सकता है .”

                              Chhatrapati Shivaji Maharaj.

13 – ” सर्वप्रथम राष्ट्र फिर गुरु , फिर माता – पिता , फिर परमेश्वर अत: पहले खुद को नही , राष्ट्र को देखना चाहिए .”

                              Chhatrapati Shivaji Maharaj.

14 – ” जरुरी नहीं है कि खुद की गलती से सीखा जाए , हम दूसरों की गलती से भी बहुत कुछ सीख सकते हैं .”

                              Chhatrapati Shivaji Maharaj.

15 – ” प्रत्येक व्यक्ति को विद्या गृहण करने का अधिकार है , क्योंंकि लड़ाई में जो काम शक्ति नहीं करती वो काम युक्ति से हो जाता है और युक्ति विद्या से आती है .”

                              Chhatrapati Shivaji Maharaj.

16 – ” शत्रु चाहे कितना ही बलवान क्यो न हो , उसे अपने इरादों और उत्साह मात्र से ही परास्त किया जा सकता है .”

                              Chhatrapati Shivaji Maharaj.

17 – ” कोई भी कार्य करने से पूर्व उसका परिणाम सोच लेना हितकर होता है ; क्योंंकि आने वाली पीढ़ी उसी अनुसरण करती है .”

                              Chhatrapati Shivaji Maharaj.

   
18 – ” जो मनुष्य समय के कुचक्र में भी पूरी शिद्दत से , अपने कार्यो में लगा रहता है . उसके लिए समय खुद बदल जाता है .”

                              Chhatrapati Shivaji Maharaj.

19 – ” शत्रु को कमजोर न समझो , लेकिन अत्यधिक बलशाली समझ कर डरना भी नही चाहिए .”

                              Chhatrapati Shivaji Maharaj.

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धन्यवाद .

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