Giordano Bruno Best Quotes ; गियोर्डानो ब्रूनो के विचार.

 Giordano Bruno ( 1548 – 1600 ) एक सोलहवीं शताब्दी के महान इतालवी दार्शनिक , कवि , गणितज्ञ, खगोलशास्त्री थे . उनकी प्रसिद्धि वैज्ञानिक विचारों के बचाव के लिए उनकी शहादत से पैदा हुई थी . Giordano Bruno ने भू – गर्भवाद को खारिज कर दिया, एक विचार जो उस समय शासन करता था और इस सिद्धान्त का समर्थन करता था कि प्रत्येक तारा हमारे जैसे ग्रहों से घिरा हुआ सूर्य था . उन्होंने माना कि इस तरह के दावे कैथोलिक धर्म के धार्मिक सिद्धान्त के साथ मिलकर काम कर सकते हैं .

आईए जानते है सोलहवीं शताब्दी के महान इतालवी दार्शनिक Giordano Bruno के विचारों के बारे में .

1- ” समय सत्य का पिता है , इसकी माता हमारा मन है .”

Giordano Bruno.

2- ” बहुमत से सत्य नहीं बदलता है क्योंंकि यह है , या नहीं है , लेकिन अधिकांश लोगों  द्वारा विश्वास किया जाता है .

Giordano Bruno.

3 – ” हो सकता है कि आपको मेरे फैसले से डर होगा कि मैं आपके फैसले से डर जाऊं .”

Giordano Bruno.

4 – ” आप दिमाग के बिना , लेकिन भाग्य के साथ बहुत कुछ कर सकते हैं. “

Giordano Bruno.

5 – ” समय सब कुछ देता है और सब कुछ लेता भी है .”

Giordano Bruno.

6 – ” ऐसा कोई कानून नहीं है जो सभी चीजों को नियंत्रित कर सके . “

Giordano Bruno.

7 – ” कुछ भी इतना अच्छा नहीं है कि अशुभ और पवित्र और दुष्ट लोग बुराई में उचित लाभ न उठा सके .”

Giordano Bruno.

8 – ” भविष्य की चीजों और अनुपस्थित लोगों के बारे में दर्द से अधिक कष्टदायक क्या हो सकता है ? . “

Giordano Bruno.

9 – ” मेरा मानना है कि व्यक्ति जिसमें रहता है उसे उपयुक्त तरीके से पोषण करना चाहिए और खुद को खिलाना चाहिए.”

Giordano Bruno.

10 – हो सकता है कि आप मेरी निंदा करते हो , जो मेरी निंदा करता है इसका मतलब है कि वह भय में है .”

Giordano Bruno.

11 – ” ईश्वरीय प्रकाश सदैव मनुष्य में होता है, वह  इंद्रियों को और अधिक सम्मोहन कर देता है, लेकिन मनुष्य इसे अस्वीकार कर देता है .”

Giordano Bruno.

12 – ” इच्छा मुझसे आग्रह करती है, जबकि मुझे डर लगता है .”

Giordano Bruno.

13 – ” तितली मीठी रोशनी के लिए अपने रास्ते को पंख लगाती है इसे आकर्षित करती है लेकिन वह यह नही जानती की आग उसका उपयोग कर सकती है . “

Giordano Bruno.

14 – ” अंतरिक्ष में अनगिनत नक्षत्र , सूर्य और ग्रह हैं ; हम केवल सूर्य को देखते हैं क्योंंकि वे प्रकाश देता है ; ग्रह अदृश्य रहते हैंं  , क्योंंकि वे छोटे और अंधेरे में है . वहां भी संख्याहीन पृथ्वी अपने सूर्य के चारों ओर चक्कर लगा रही हैं .”

Giordano Bruno.

15 – ” कोई शीर्ष या तल नहीं है , अंतरिक्ष में कोई पूर्ण स्थिति नहीं है . केवल वही है जो दूसरों के सापेक्ष हैं . पूरे  ब्रह्मांड में सापेक्ष स्थितियोंं में निरंतर परिवर्तन होता रहता है . “

Giordano Bruno.

सोलहवीं शताब्दी के महान दार्शनिक Giordano Bruno के विचारों को अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करें .

धन्यवाद .

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